· दोस्तों क्या आप जानते हैं की हिमाचल के एक खूबसूरत स्टेशन पर आज भी एक रूह भटकती है?

· दोस्तों कहानी शुरू होती है एक काबिल इंजीनियर कर्नल बड़ोग से उनकी एक छोटी सी गलती थी की वो पहाड़ के दोनों छोर नहीं मिला पाए जिसपर सरकार ने जुर्माना तो सिर्फ 1 रुपया लगाया, पर कर्नल के आत्म-सम्मान पर गहरी चोट लग गई।

अपमान इतना गहरा था कि कर्नल ने उसी अधूरी सुरंग के पास अपनी जान दे दी लेकिन दोस्तों, खेल तो यही से शुरू हुआ... क्योंकि मरने के बाद भी वो वहां से कभी गए ही नहीं! 

· लोग कहते हैं आज भी रात के अंधेरे में वहां किसी के चलने की आवाज़ें आती हैं कभी घोड़े की टाप सुनाई देती है, तो कभी महसूस होता है कि कोई पीछे खड़ा है...

बड़ोग स्टेशन के वेटिंग रूम में बैठे यात्रियों ने भी अजीब अनुभव किए हैं जैसे की खिड़कियों का अचानक बजना और बिना हवा के दरवाजों का बंद होना... क्या कर्नल आज भी अपना काम पूरा कर रहे हैं? 

कुछ लोग इसे वहम मानते हैं और कुछ हकीकत पर क्या आप अकेले उस सुरंग के पास जाने की हिम्मत करेंगे?  

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