“मोनिका यादव मर्डर केस: जब वर्दी में छिपा था हैवान आशिक | Hindi Crime Story 2025”

राम राम जी !!

दोस्तों वैसे तो पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए होती है लेकिन इस बात की सच्चाई तो कुछ और ही है क्योंकि आज पुलिस के अंदर काम करने वाली हमारी बहन बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं। आज की इस स्टोरी के सुनने के बाद आपको रियलाइज़ होगा कि पुलिस हमारी बहन बेटियों की रक्षा क्या करेगी जब पुलिस के अंदर काम करने वाली लड़कियां ही सुरक्षित नहीं है।

मोनिका यादव मर्डर केस स्टोरी 

कहानी की शुरुआत

दोस्तों, हमारी इस कहानी की शुरुआत होती है मोनिका यादव से। दरअसल, मोनिका यादव नाम की यह लड़की साल 2014 के अंदर दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद के रूप में चयनित होती है और मोनिका दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर काम करने लगती है। मोनिका दिखने में काफी खूबसूरत थी और अपनी जिंदगी में कुछ करने की चाहत रखने वाली थी।

"मोनिका यादव मर्डर केस: जब वर्दी में छिपा था हैवान आशिक | Hindi Crime Story 2025"

मोनिका के दिल्ली पुलिस ज्वाइन करने के बाद साल 2021 में उसकी पोस्टिंग कंट्रोल रूम में हो जाती है और वहीं से उसकी जिंदगी में वह खतरनाक मोड़ आता है जिसके बारे में उसने कभी कल्पना तक भी नहीं की होगी।

मोनिका की जिंदगी में आया कांस्टेबल सुरेंद्र

जब मोनिका की पोस्टिंग कंट्रोल रूम के अंदर होती है तब उसी समय कंट्रोल रूम के अंदर पहले से ही सुरेंद्र राणा नाम का एक कांस्टेबल काम कर रहा था जिसकी मोनिका से मुलाकात होती है और दोनों साथ-साथ काम करने से उन दोनों की दोस्ती हो जाती है और फिर दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलने लगती है क्योंकि सुरेंद्र राणा हर बार मोनिका की हर छोटे से बड़े काम में मदद किया करता था जिससे कि इन दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और ऐसे ही काफी समय गुजर जाता है।

मोनिका का हुआ यूपी पुलिस इंस्पेक्टर में सिलेक्शन

हालांकि इसके बाद साल 2021 के अंदर मोनिका का यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर के रूप में चयन हो जाता है और मोनिका दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़ देती है लेकिन मोनिका यूपी पुलिस की नौकरी ज्वाइन नहीं करती है बल्कि वह दिल्ली के ही मुखर्जी नगर में रहकर अपनी आईपीएस की पढ़ाई करने लगती है।

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सुरेंद्र और मोनिका के बीच आई दूरियां

इस आईपीएस की तैयारी करने की वजह से ही मोनिका के पास इतना ज्यादा समय नहीं होता था कि वह सुरेंद्र से प्यार भरी बातें कर सके लेकिन सुरेंद्र चाहता था कि मोनिका उससे बातें करे लेकिन मोनिका उससे कई दिनों तक बातें नहीं करती थी जिससे कि उन दोनों के बीच काफी दूरियां बढ़ गईं और अब सुरेंद्र को लगने लगा कि मोनिका ने उसे छोड़कर किसी और के साथ रिलेशन बना लिया है लेकिन इसकी सच्चाई यह नहीं थी।

मोनिका को पता चला सुरेंद्र की सच्चाई

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हालांकि इसी बात के डर की वजह से सुरेंद्र मोनिका से शादी करने के लिए कहने लगा और वह उसे शादी करने के लिए प्रपोज करता है लेकिन मोनिका ने उससे शादी करने के लिए साफ-साफ मना कर दिया क्योंकि मोनिका चाहती थी कि वह पहले आईपीएस ऑफिसर बने लेकिन सुरेंद्र यह नहीं चाहता था और मोनिका यह बात भी जान चुकी थी कि सुरेंद्र पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे और बीवी भी हैं इसीलिए उसने सुरेंद्र से शादी करने के लिए साफ-साफ मना कर दिया |

लेकिन इसके बावजूद भी सुरेंद्र नहीं माना और वह बार-बार मोनिका के रास्ते में आता, उससे शादी के लिए प्रपोज करता और इसी बात को लेकर 8 सितंबर 2021 को इन दोनों की काफी ज्यादा बहस भी हुई थी और उस बहस के अंदर सुरेंद्र ने कह भी डाला था कि अगर मोनिका मेरी ना हुई तो वह किसी और की भी नहीं होगी यानी कि अगर मोनिका ने मुझसे शादी नहीं की तो मैं उसकी कहीं और भी शादी नहीं होने दूंगा।

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सुरेंद्र ने बनाया मोनिका को मारने का प्लान

और सुरेंद्र ने मोनिका को मारने का प्लान बनाया ताकि वह हमेशा-हमेशा के लिए ही खत्म हो जाए और इस प्लान को अंजाम देने के लिए उसने एक दिन मोनिका को लास्ट बार अपने पास मिलने के लिए बुलाया और जैसे ही मोनिका उसके पास पहुंची तो उसने अपनी गाड़ी के अंदर ही मोनिका की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी और फिर बुराड़ी के नाले के अंदर एक पत्थर के साथ उसकी डेड बॉडी को डाल दिया और उसका फोन और उसका एटीएम कार्ड और बाकी सभी कार्ड भी अपने पास रख लिए।

मोनिका के घर वालों ने लिखाई पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट

उसके बाद जब मोनिका ने अपने घर वालों को काफी दिन तक कॉल नहीं किया तब उनके घर वालों को उसकी काफी ज्यादा फिक्र होने लगी और इस फिक्र के चलते उन्होंने उसके सभी दोस्तों को कॉल किया, जब उनके सभी दोस्तों से भी कोई जवाब नहीं मिला तब वह सुरेंद्र राणा से मिले क्योंकि वह सुरेंद्र राणा को पहले से जानते थे।

लेकिन सुरेंद्र राणा बोलता है कि मैं मोनिका के बारे में कुछ भी नहीं जानता हूं और वह उनके साथ पास के पुलिस स्टेशन में, जहां पर मोनिका काम करती थी, वहीं पर उसकी गुमशुदा होने की रिपोर्ट भी लिखवाने जाता है और उनके साथ उसे ढूंढने भी लग जाता है बिल्कुल नॉर्मल व्यवहार के साथ।

सुरेंद्र ने बताया मोनिका भाग गई है

और ऐसे ही करीब 5 से 6 दिन गुजर जाते हैं और 6वें दिन सुरेंद्र मोनिका के घर वालों को बोलता है कि मोनिका किसी अरविंद नाम के लड़के के साथ भाग गई है और उन्होंने शादी भी कर ली है। अब वह शायद नहीं लौटेगी, मुझे मेरे गुप्तचर साथियों ने यह जानकारी दी है। लेकिन मोनिका के घरवाले इस बात को मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं होते।

हालांकि दोस्तों, एक तरफ तो सुरेंद्र मोनिका के घर वालों के साथ मिलकर मोनिका की तलाश करने में लगा हुआ था, वहीं दूसरी तरफ उसने मोनिका जैसी दिखने वाली एक लड़की को कोरोना की वैक्सीन लगवाई और उसकी रिपोर्ट को मोनिका के घर पर भिजवा दिया ताकि किसी को भी शक ना हो कि मोनिका की मौत हो चुकी है। उसने मोनिका के खाते से भी पैसों का लेन-देन किया ताकि सभी को यही लगे कि मोनिका जीवित है।

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मोनिका के घर वालों को फोन

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और ऐसे ही करीब 6 महीने या उससे ज्यादा का समय गुजर जाता है लेकिन अभी भी मोनिका का कोई भी पता नहीं चलता है और अब मोनिका के घर वालों को मोनिका के भागने पर शक होने लगा। इसीलिए उसने प्लान बनाते हुए अपने साले को अरविंद बनाया और उसे मोनिका के घर वालों को कॉल करने के लिए कहा।

उसके साले ने भी मोनिका के घर वालों को कॉल किया और कहा कि मोनिका और मैंने भागकर शादी कर ली है और मेरे यानी कि अरविंद के घर वाले शादी के लिए राजी नहीं हैं, इसलिए वे हमारी जान लेना चाहते हैं। हमें घर पर भी नहीं आने दे रहे हैं। इसीलिए हम एक जगह पर छुपे हुए हैं और जैसे ही मामला शांत हो जाएगा, हम खुद आ जाएंगे और हम बिल्कुल पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

हालांकि मोनिका के घर वालों ने मोनिका से बात करने की कोशिश की तब उसने किसी बहाने से फोन कॉल काट दिया। इसके बावजूद भी मोनिका के घर वालों की अरविंद से करीब 5 से 6 बार बातें हुईं और ऐसे ही करीब 2 साल गुजर चुके थे।

मोनिका के घर वालों को हुआ शक

हालांकि अब मोनिका के गायब हुए करीब डेढ़ से 2 साल गुजर चुके थे और अब मोनिका के घर वालों को मोनिका के गायब होने के पीछे शक होने लगा क्योंकि मोनिका काफी होशियार और समझदार लड़की थी। उसका बचपन से सपना था कि वह आईपीएस बने और उसने अपने दम पर कांस्टेबल से सब-इंस्पेक्टर की पदवी पा ली थी |

लेकिन वह आईपीएस बनना चाहती थी और इसीलिए वह पहले तो किसी लड़के के साथ भाग कर शादी नहीं कर सकती और अब सामने भी नहीं आ रही है। पहली बात तो मोनिका किसी से शायद ही शादी कर सकती है क्योंकि उसका पहला सपना केवल आईपीएस बनना था और अगर उसने शादी कर भी ली है……

तो अब तो उसे शादी किए हुए 2 साल हो गए हैं और इन 2 सालों में शायद वह सेटल भी हो गई होगी तो फिर वह सामने क्यों नहीं आ रही है? और इसी बात को लेकर उन्हें शक होने लगा और इसीलिए उन्होंने पुलिस स्टेशन के सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया।

इस मामले को सौंपा गया क्राइम ब्रांच को

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सीनियर अधिकारियों से मिलने पर उन्होंने सारी बातें बताईं जिससे कि सीनियर अधिकारियों ने इस पूरे केस को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया और क्राइम ब्रांच ने इस केस की जांच जीरो से शुरू की और सबसे पहले क्राइम ब्रांच ने उस नंबर की डिटेल निकाली जिससे उन्हें बार-बार अरविंद का कॉल आता था। उस नंबर की जानकारी निकालने से क्राइम ब्रांच को पता चला कि यह नंबर फेक था, यह नंबर किसी अरविंद के नाम पर नहीं था |

बल्कि यह नंबर किसी राजपाल नाम के व्यक्ति का था और जब पुलिस ने मोनिका के घर वालों से इस नंबर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि राजपाल को हम जानते हैं, दरअसल राजपाल सुरेंद्र के साथ अक्सर हमारे घर पर आता था और वह पुलिस को एक रविन नाम के व्यक्ति का भी नाम बताते हैं जो कि अक्सर उनके घर पर आता ही रहता था।

पुलिस के द्वारा किया गया अपराधियों को गिरफ्तार

हालांकि इसके बाद पुलिस के द्वारा तुरंत ही रविन और राजपाल को गिरफ्तार किया गया और जब पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों ने बताया कि आज से 2 साल पहले ही मोनिका का मर्डर हो चुका है। दरअसल, मोनिका का मर्डर मेरे जीजा सुरेंद्र राणा ने किया है क्योंकि वह उससे शादी करना चाहता था और वह उससे प्यार करता था……

इसीलिए उसने मोनिका का बड़ी ही बेरहमी से मर्डर कर दिया और उसकी बॉडी को कहीं पर बहा दिया है और उसने मुझे डरा धमका कर, प्रमोशन का लालच देकर मुझे और रविंद्र को इस प्लान में शामिल कर लिया था लेकिन हमने केवल नाटक में हिस्सा लिया है, हमने कोई भी मर्डर या फिर कोई भी और गुनाह नहीं किया है।

हालांकि इसके बाद पुलिस के द्वारा तुरंत ही सुरेंद्र राणा को हिरासत में लिया गया और उसे 7 दिन के रिमांड पर लिया गया जिससे कि उसने अपना सारा अपराध कबूल कर लिया और उसने बताया कि मैंने ही मोनिका का मर्डर किया है क्योंकि वह मुझसे शादी नहीं कर रही थी और मैं उसे काफी ज्यादा प्यार करता था और मैंने उसकी हत्या कर उसकी डेड बॉडी को बुराड़ी के नाले में एक पत्थर के साथ बहा दिया है।

कहानी का अंत

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हालांकि दोस्तों इसके बाद पुलिस को सुरेंद्र उस जगह पर भी लेकर जाता है जहां पर उसने मोनिका की बॉडी को पत्थर के साथ दबाया था जहां से पुलिस को मोनिका का कंकाल मिलता है। और जब उस कंकाल का डीएनए टेस्ट हुआ तो वह मोनिका का ही निकला और उसके बाद उस कंकाल को मोनिका के घर वालों को सौंप दिया गया और आज सुरेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है और वह जेल की सलाखों के पीछे अपने गुनाहों की कड़ी सजा काट रहा है।

तो दोस्तों, देखा आपने कैसे जिस देश में महिलाओं की सुरक्षा का वादा पुलिस करती है, उस देश के अंदर पुलिस स्टेशन में काम करने वाली महिला भी सुरक्षित नहीं है क्योंकि इन्हीं पुलिस स्टेशनों में कुछ ऐसे हैवान छुपे हुए हैं जिनकी महिलाओं पर काफी गंदी नजर है। तो अगर समाज में हमें बहन-बेटियों को सुरक्षित करना है तो पहले हमें इन गंदी नजर वाले लोगों को ही जड़ से खत्म करना होगा( Hindi Crime Story 2025 ) |

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