Matsya 6000 भारत का पहला समुद्रयान मिशन: चाँद और सूर्य के बाद समुंदर की अनंत गहराई में जायेगा भारत,क्या है समुद्रयान, क्यों अहम है यह मिशन?

दोस्तों भारत ने पहले अपने चंद्रयान 3 की सफलता पूर्वक लैंडिंग करके इतिहास रच दिया है और इसके बाद भारत ने अपना पहला सूर्य मिशन आदित्य L1 की भी सफलता पूर्वक लॉन्चिंग कर दी है जो की भारत का पहला सूर्य मिशन था लेकिन ऐसा नहीं है की भारत अब केवल चाँद या सूर्य तक ही सिमित रहने वाला है बल्कि अब भारत समुंदर की भी अनंत गहराइयों में जाने की योजना बना रहा है तो चलिए आज की इस पोस्ट में जानते है की कैसे अब भारत अब चाँद और सूर्य के बाद समुंदर की अनंत गहराईयों में पहुचेगा और भारत का समुंदर मिशन क्या है |

Matsya 6000 भारत का पहला समुद्रयान मिशन

दोस्तों भारत अपने विश्व गुरु के सफर पर लगातार आगे बढ़ता जा रहा है और भारत दुनिया से कंधे से कंधा मिलकर आगे चला जा रहा है चाहे फिर वो स्पेस की बात हो या चाहे फिर और समुद्र की गहराई में जान की बात ही क्यों ना हो.

भारत पहले ही चाँद के साउथ पाल पर सक्सेसफुल लैंड कर चुका है जहां पर आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच पाया है इसके बाद भारत ने अपना पहला सूर्य मिशन आदित्य L1 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की जो की पृथ्वी और सूर्य के बिच L1 पॉइंट पर 125 दोनों के बाद पहुचेगा जो की भारत का पहला सूर्य मिशन है.

लेकिन अब भारत केवल स्पेस में ही अपना प्रचार नहीं लहराने वाला है बल्कि अब भारत स्पेस के साथ-साथ समुद्र में भी अपना प्रचार लहराने वाला है और अब भारत समुंदर तल के निचे 6,000 हजार मी. की गहराई पर इंसानों को भेजेगा वो भी बहुत ही जल्द…….

कैसे भेजेगा भारत समुंदर तल की 6 KM की गहराई पर इंसानों को

दोस्तों प्रथ्वी विज्ञान मंत्री किरण रिज्जू ने बताया की बहुत ही जल्द भारत एक समर्सिबल वाहन के अंदर तीन इंसानों को समुद्र तल की 6,000 की गहराई पर भेजेगा जिसकी टेस्टिंग साल 2024 को शुरू की जाएगी और इससे पहले 8 जून 2023 को किरण रिज्जू  ने बताया था की भारत समुद्र के नीचे 7,000 मी की गहराई पर पहुंच चुका है हालांकि यह मानव रहित मिशन था.

जिसके बाद अब भारत पहली बार तीन इंसानों को समुद्र तल के 6 किलोमीटर की गहराई पर भेजेगा दोस्तों भारत का समुद्र मिशन पुरी तरह से इकोफ्रेंडली होने वाला है और पीएम मोदी की ब्लू इकोनामी नीति का समर्थन करने वाला है |

भारत का समुंदर मिशन कब लोंच होगा

दोस्तों भारत के इस मिशन को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओसियन टेक्नोलॉजी चेन्नई ने तैयार किया है जिसकी टेस्टिंग साल 2024 में बंगाल की खड़ी में की जाएगी इससे सबसे पहले समुद्र तल की 500 मी. की गहराई पर भेजो जाएगा इसके बाद 1000 मी की गहराई पर भेजो जाएगा और ऐसा करके इस समर्सिबल को समुद्र के नीचे 6 किलोमीटर की गहराई पर पहुंचाया जाएगा और साल 2026 तक भारत का यह समुद्र मिशन लॉन्च होग |

भारत का गगन मिशन और सुंदर मिशन  

दोस्तों साल 2024 में भारत एक और तो अपना गगन मिशन लॉन्च करेगा जिसके तहत भारत स्पेस में इंसानों को भेजेगा वहीं दूसरी तरफ भारत समुद्र के छह किलोमीटर गहराई पर इंसानों को भेजेगा ये दोनों मिशन ही भारत की शक्तियों को दुनिया के सामने रखेंगे और दुनिया को बताएंगे की भारत अब अपने विश्व गुरु के सफर पर आगे बाढ़ चुका है हालांकि इससे पहले भारत समुद्र की 7 किलोमीटर की गहराई पर पहुंच चुका है जो की भारत का मानव रहित मिशन था |

भारत के समुंदर मिशन का लक्ष्य

दोस्तों अब फाइनली भारत अपना मत्स्य 6000 समर्सिबल लॉन्च करने वाला है जिसमें भारत के तीन व्यक्तियों को बैठाकर समुद्र तल की 6,000 मी की गहराई पर भेजा जायेगा ताकि भारत समुद्र के नीचे उपस्थित जीव जंतुओं का अध्ययन कर सके और समुद्र के तल में उपस्थित खनिजो तक पहुंच सके,

दोस्तों रिपोर्ट्स के अनुसार समुद्र तल में क्लोराइड, सोडियम, मैग्नीशियम, टाइटेनियम और दुर्बल मृदा धातु के काफी ज्यादा भंडार मौजूद है जिनके बारे में भारत इस मिशन के तहत पता लगाएगा और उन्हें प्राप्त करेगा और इसके अलावा भारत इस मिशन के तहत समुद्र के नीचे उपस्थित रहस्यों का भी पता लगाएगा |

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मत्स्य 6000 समर्सिबल की खाश बाते

दोस्तों भारत ने अपनी मत्स्य 6,000 समर्सिबल को काफी ज्यादा सावधानी से और काफी ज्यादा एडवांस बनाया है और भारत की यह समर्सिबल पुरी तरह से टाइटेन धातु से बनी हुई है जिसका आकर गोल है जिसका व्यास 2.1 मी है ये एक बार में तीन व्यक्तियों को समुद्र ताल के 6000 मी की गहराई पर ले जा सकती है और भारत ही यह मत्स्य 6000 समर्सिबल समुद्र तल के नीचे के दबाव से 600 गुना ज्यादा प्रेशर झेल सकती है यानी की भारत की यह मत्स्य समर्सिबल बहुत ही ज्यादा स्ट्रांग है लेकिन अब भी भारत इस समर्सिबल की लगातार टेस्टिंग कर रहा है |

समुद्रयान मिशन: चाँद और सूर्य के बाद समुंदर की अनंत गहराई में जायेगा भारत,क्या है समुद्रयान, क्यों अहम है यह मिशन?

क्योंकि हालही में टाइटैनिक शिप का मालवा देखने के लिए गई टाइटैन समरीन समुद्र तल के निचे 3900 मी. की गहराई पर जाकर ही ब्लास्ट हो गयी क्योकि यह समरीन समुद्र तल के प्रेशर को झेल नहीं पायी इससे पहले यह टाइटैन समरीन समुद्र तल के 13 किलोमीटर की गहराई पर पहुंची थी इसीलिए भारत को डर है की कही उसकी एक गलती भारत के समुद्र मिशन को फेल ना कर दें |

इसीलिए भारत अपने इस मत्स्य 6000 समर्सिबल को लगातार एडवांस बनाने का प्रयास कर रहा है हालांकी आपातकाल के समय इस समर्सिबल में 96 घंटो की ऑक्सीजन रहेगी |

भारत के समुंदर मिशन का बजट

दोस्तों भारत के इस समुद्र मिशन के लिए भारत सरकार ने 4077 करोड़ रूपय बजट प्रस्तुत किया है वहीं साल 2024 में इस मिशन की टेस्टिंग के लिए भारत सरकार ने 2823.4 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया है और अगर भारत का यह मिशन सक्सेसफुल हो जाता है तो भारत दुनिया का पांचवा देश बन जाएगा जो की समुद्र तल के इतनी गहराई पर इंसानों को भेजेगा.

इससे पहले अमेरिका,रूस,फ्रांस और जापान समुद्र तल की इतनी गहराई पर इंसानों को भेज चुके हैं दोस्तों भारत का यह मिशन पुरी तरह से इकोफ्रेंडली होने वाला है यानी की भारत के मिशन की वजह से समुद्र में उपस्थित किसी भी जीव जंतु को नुकसान नहीं पहुंचा जाएगा और 2026 तक यह मिशन सक्सेसफुल लॉन्च हो जाएगा |

निष्कर्ष

दोस्तों मैं आशा करता हूँ की आपको ये भारत के पहले समुंदर मिशन के बारे में जानकारी जरुर पसंन्द आई होगी मैंने आपको बड़ी ही सरल भाषा में भारत के समुंदर मिशन के बारे में बताया है की ये मिशन कब लोंच होगा इसका बजट कितना है और कैसे भारत समुंदर की गहराई में जाएगा इसलिए प्लीज इस पोस्ट को अपने दोस्तों से शेयर जरुर करे |

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